मुंह खुले पर कान बंद रहे-हिन्दी हास्य कविताएँ
विषयों के भूल जाना
उनके सोचने का तरीका है।
अपनी कहते रहते हैं
सुनने का नहीं उनको सलीका है।
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वादों का व्यापार
दिल बहलाने के लिये किया जाता है,
मतलब निकल जाये तो
फिर निभाने कौन आता है।
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बहसों को दौर...
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दीपक भारतदीप
हिन्दीमनोरंजनसंदेशमस्ती
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[08 Mar 2010 12:26 PM]



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