बस आज 'एक दिन'

ठिकाना बस आज 'एक दिन' अलार्म बजने परक्या नहीं उठूंगी सबसे पहले कोई दे जायेगा सुबह की चाय क्या मेरे बिस्तर पर नही बेलनी पड़ेगी आज रोटियां । दफ्तर जाते समय आज, नहीं घूरेगा मेरा पडोसी नुक्कड़ पर बैठे लडके नहीं गायेगे वह गाना 'एक बार ...आ जा आ जा 'बस की भीड़ में आज... [पूरी पोस्ट]
writer Pratibha
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[08 Mar 2010 07:02 AM]

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