उल्लुओं का क्या होगा-हिन्दी हास्य कवितायें

 हिन्द केसरी-पत्रिका क्रीम पाउडर से सजे चेहरे सौंदर्य का पर्याय बन गये हैं, भयानक चेहरे भी खूबसूरती की दौड़ में भागने के लिये बनठन गये हैं। ———– न राई थी, न पहाड़ था, न तिल था, न ताड़ था, फिर भी वह ख्वाब बेचकर सौदागरों ने पैसा कमाया। इसतर बड़े ठग ने छोटे... [पूरी पोस्ट]
writer दीपक भारतदीप

हिन्दीशायरीशेरमनोरंजन

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[21 Feb 2010 02:24 AM]

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