“आई होली! आई होली!!” (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री “मयंक”)

नन्हें सुमन आयी होली, आई होली।रंग-बिरंगी आई होली।मुन्नी आओ, चुन्नी आओ, रंग भरी पिचकारी लाओ,मिल-जुल कर खेलेंगे होली।रंग-बिरंगी आई होली।।मठरी खाओ, गुँजिया खाओ, पीला-लाल गुलाल उड़ाओ,मस्ती लेकर आई होली।रंग-बिरंगी आई होली।। रंगों की बौछार कहीं है,ठण्डे जल की धार कहीं... [पूरी पोस्ट]
writer डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक

बालगीत

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[25 Feb 2010 11:15 AM]

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