'खान' में नहीं है जान!
जनमानस में इस्लाम के जेहादी स्वरूप को भुलाने के लिए छवि सुधारक अभियान के तहत बनाई गयी फिल्म माय नेम इज खान अब चारो खाने चित्त होती नजर आ रही है. 'खान' भयभीत-पोषित मीडिया चाहे कुछ भी दावे कर ले लेकिन जनता ने लगभग इस फिल्म को ठुकरा दिया है और इसका हश्र सैफ...
[पूरी पोस्ट]
3
0
0
0
0
[19 Feb 2010 10:38 AM]



Shuffle








