विद्यालय जैसे पवित्र जगह मत फैलाओ भेद भाव ...........

विचारों का दर्पण देवेश प्रतापएक समय हुआ करता था । जब गुरुओं से शिक्षा प्राप्त करने के लिए गुरुकुल जाना पड़ता था मोह-माया छोड़ कर भौतिकवाद को त्याग कर शिक्षा प्राप्त किया जाता था , परन्तु समय के अनुसार धीरे धीरे सारे नियम बदलते गए जो की जरूरी भी था , शिक्षा ग्रहण करने के... [पूरी पोस्ट]
writer देवेश प्रताप

देवेश प्रताप

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[18 Feb 2010 23:54 PM]

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