मैं और आईना........

विचारों का दर्पण देवेश प्रताप एक दिन आईने ने मुझसे पूछा ,तूने प्यार में दर्द कि सिवा पाया ही क्या है।मैंने आइने से हंस कर कहा,कि तुने मेरी सूरत के सिवा देखा ही क्या है ॥आईने ने पलट कर कहा,फिर तेरी आँखों में ये आंसू क्यों टिकता है ।मैंने आईने से मुस्करा कर कहा,उनकी तस्वीर... [पूरी पोस्ट]
writer देवेश प्रताप

देवेश प्रताप

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[24 Feb 2010 21:57 PM]

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