स्त्री

साहित्य सर्जक स्त्री पुरुष यानि व्यक्ति जो सो सकता है पैर फैला कर सारी चिंताएं हवाले कर पत्नी यानि स्त्री के और वह यानि स्त्री जो रहती है निरंतर जागरूक और देखती रहती है आगम की कठोर नजदीक आती परछाईं को और सुनती रहती है उस की कर्कश पदचापों की आह्ट क्योंकि सोती नही है... [पूरी पोस्ट]
writer vedvyathit
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[24 Feb 2010 08:13 AM]

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