बम बम लहरी बम भोलेनाथ

काव्य तरंग डम डम डम डम डमरू बाजेनंदीगन खड़े है जोड़े हाथभंग का रंग जमाए शंकरविष्णु करे नृत्य देवन साथबम बम लहरी बम भोलेनाथबम बम लहरी बम भोले नाथगोरी का भी रूप खिल गयातारो से सजी है रातधरती पर भी धूम मचीशिव शक्ति का मिलन है आजबम बम लहरी बम भोलेनाथबम बम लहरी बम भोले... [पूरी पोस्ट]
writer RaniVishal

काव्यमंजूषा

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[11 Feb 2010 20:59 PM]

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