अपना खून (कहानी)

काव्य तरंग शाम ढलने को है... मीनाक्षी का दिल बैठा जारहा है । शोभना .....भाभी आप फीक्र ना करो रिपोर्ट ठीक ही आएगी । मीनाक्षी .....जैसे तुम कह रही हो वही होगा, ना जाने क्या कहा होगा मूए डाक्टर ने । इतने में ही सुधीर आ पहुचता है मुरझाया चहरा कापते हाथो से रिपोर्ट... [पूरी पोस्ट]
writer RaniVishal

काव्य तरंग

views
4
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[17 Feb 2010 16:32 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix