आया अलबेला त्यौहार रंगीला होली का [होली गीत]

काव्य तरंग आया अलबेला त्यौहार रंगीला होली कागोरी खेल रही है खेल, आँख मिचोली कालपट झपट कर निकली घर सेमुख घूँघट पट में छुपाएलाख जतन कर प्रियतम खोजेप्रिया को ढूंढ़ ना पाएअल्हड़ नाद उठे मस्तो की टोली कागोरी खेल रही है खेल, आँख मिचोली काआज तो मन का मेल मिटासब लोग गले... [पूरी पोस्ट]
writer RaniVishal

काव्य तरंग

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[26 Feb 2010 19:23 PM]

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