क्या मुक्ति का मार्ग बताएगा....भक्ति का जो व्यापार करे ??

काव्य तरंग पोंगा पंडित बीन बजाते अंधों की टोली नाच रहीअधर्मी धर्म का पाठ पढ़ातेवाहजी.. ये भी क्या बात रहीभोग विलास न खुद ने छोड़ाऔर त्याग का राग आलाप रहाकामनाओं के वश में भान नहींक्या पुण्य हुआ क्या पाप रहामाया के जाल में फंसा हुआ खुदक्या मोह तुम्हे... [पूरी पोस्ट]
writer RaniVishal

पोंगा पंडित

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[05 Mar 2010 19:11 PM]

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