नज़ीर अकबराबादी की नज़र होली पर

वाया बीजिंग » brahmatmaj दोस्‍तों होली के मौके पर नज़ीर अकबराबादी की दो रचनाएं पेश हैं। नज़ीर के मुरीद उनके बारे में जानते हैं। नज़ीर ने उर्दू शायरी में आम जीवन के रंग बिखेरे और ऐसे विषयों पर लिखा,जिन्‍हें आज भी साहित्‍य का विषय नहीं माना जाता। उन्‍होंने... [पूरी पोस्ट]
writer brahmatmaj
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[28 Feb 2010 00:05 AM]

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