परसाद्यो भगत (राजस्थानी कहानी)
आकाई गाँव में दो नाम मनकां की जिबान पे छड्या थका हा। एक भगवान शंकर को नाम अन एक वांको लाड़लो परसाद्यो भगत । यो गाँव बस्यो जदकाई ये दोई नाम गाँव के साथे-साथे रिया । गांव वाळा को कसोई काम रूक्यो कोने दन-दन सब प्रकार का आनंद बढ़ताई ग्या ।शंकर भगवान की मूरत...
[पूरी पोस्ट]
amritwani.com
राजस्थानी
3
0
0
0
0
[03 Mar 2010 07:04 AM]



Shuffle








