प्रेम रंग
चाय अन कप के न्यान होळी रो त्योहार अन रंग एक दूजा का असा लाड़ला साथी र्या थका के एक के बना दूजा ने एकल्लो रेबो आज तक कदी हुंवायोई कोनी । ज्यूं-ज्यूं होळी को तेवार लगतो-लगतो आवे ख्ूणा-खचारा में पड़्यो थको रंग, करंगेट्या के न्यान पड़्यो-पड़्योई रंग बदले । शेयर...
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राजस्थानी
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[03 Mar 2010 07:23 AM]



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