बिकाउ साईकिल

काव्य कलश साथियोंसच एकअतिसुंदर साईकिलबिकाउ है साहब ।भगवान ही जानेकेरियर कहां परपेडल और पीछे का पहिया गायब ।।सुंदरसी सीट हैगजब की घण्टी हैकितनेग्यारह घण्टों की गारण्टी है ।अतितीव्र गति से चलतीवायु में उड़तीविषेशताएक्सीडेण्टबहुत जल्दि करती है ।।टूटा हुआ हेण्डल... [पूरी पोस्ट]
writer amritwani.com

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[03 Mar 2010 01:16 AM]

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