बहुत कुछ
आज तकआज नहीं तो कलसबको मिलता रहाउसकीजरूरत मुताबिककुछ ना कुछ ।आप ही बताइये जनाबजहान में आज तककिसको नसीब हुआसब कुछ ।।फिर भीलाखों लोगलाखों बारन जाने क्योंबेवजहरोते-रोते चले गएकुछ तोआज भी रो रहेकुछबेशककल तक रोने ही वालेदेखोदेखोतीनों किस्मों केचाहो जितने...
[पूरी पोस्ट]
amritwani.com
हिंदी
3
0
0
0
0
[03 Mar 2010 07:30 AM]



Shuffle








