इश्क में सच-हास्य कविता (ishq aur sach-hasya kavita)

 दीपक भारतदीप की हिंदी सरिता आशिक शिष्य ने अपने इश्क गुरु से कहा ‘‘आदरणीय फिर एक माशुका मेरी जिंदगी में आई पर उसने मेरा इश्क का मामला मंजूर करने से पहले सच बोलने वाली मशीन के सामने साक्षात्कार की शर्त लगाई। आपसे सलाह लेकर अपने इश्क के मसले सुलझाने में पहले भी मदद नहीं मिली इसलिये इस... [पूरी पोस्ट]
writer दीपक भारतदीप

हिन्दीकलाइश्कदीपक भारतदीप

views
5
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[14 Feb 2010 03:36 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix