जेनेटिकली रूपांतरित फसलें: अभिशाप या वरदान?

Amar Singh's Official Blog ब्रिटिश भारत में हुए १९४३ के आकाल ने ४० लाख से भी अधिक लोगों की जान ली थी. इस आकाल के वर्षों बाद तक सारा देश इसे नहीं भुला पाया था. परन्तु १९६७ और १९७८ के बीच हुयी “हरित क्रांति” ने हमारे देश की खद्यानों की समस्या को लगभग ख़त्म कर दिया था और... [पूरी पोस्ट]
writer A.Singh
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[11 Feb 2010 11:56 AM]

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