Mahashivratri some thoughts.

Baaten महाशिवरात्रि , भगवन शिव की आराधना, पूजा और सर्पण की महानिशा-- यह वह  अवसर होता है जब भक्तवत्सल भगवान् भोलेभंडारी  मात्र बिल्व पत्र समर्पण से प्रसन्न हो अपने प्रिय भक्त को उसका इष्ट ,काम्य तथा वांछित वर देने को तत्पर रहते हैं.त्रिदल--तीन पत्तों... [पूरी पोस्ट]
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[12 Feb 2010 01:14 AM]

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