पढ़िए रूहानी शायर "मनीष" को , रूह को न छु जाये तो कहियेगा.....

युग क्रांति ......मनीष साहब जो लिखते हैं रूह से लिखते हैं ...... रूह से पढ़िए.......रूह तक पहुचेगी आवाज......  चंद अशियार, शायद बेकार.. पर क्या करूँ यार..., कह-सुन लेता हूँ खुद से ही की शायद..... [पूरी पोस्ट]
writer यशवन्त मेहता "फ़कीरा"

रूहानी शायर "मनीष"

views
7
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[02 Mar 2010 16:49 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix