सब ख्याल हैं बस.. इश्क और मौत से पहले के..-------- शायर मनीष

युग क्रांति क्या तेरा क्या मेरा..क्या पाना क्या खोना..,सब ख्याल हैं बस.. इश्क और मौत से पहले के..!!उन्हें "अपना" बनाने की जिद ही उन्हें "पराया" कर गयी शायद...," इश्क " का जज्बा तो बेहतरीन था,ये " दावेदारी " ही नाकाम कर गयी शायद..!!करते रहे हम इंतज़ार बा-वक्ते दफ़न... [पूरी पोस्ट]
writer यशवन्त मेहता "फ़कीरा"

रूहानी शायर "मनीष"

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[04 Mar 2010 07:39 AM]

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