आपका नाता आपके प्रतिद्वंदी से क्या है? थोडा सोंचिये.

Arshad ke man se........ संबंधों की इस दुनिया में रिश्ते नाते जाने कितनेहर नातों के कितने नातेंनातों के भी कितने गांठें उन सब में एक और है नाताता उम्र जो संघ चलता है प्रतिद्वंदी बन वो जो कहता है कर्मों का है प्रतिध्वनि होता है लाख नकारे मन फिर भी प्रतिद्वंदी सदेव संघ रहता है... [पूरी पोस्ट]
writer Arshad Ali
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[26 Feb 2010 00:14 AM]

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