माडरेशन की प्रतीक्षा में

बस यूँ ही निट्ठल्ला इस पहेली को हल करने के प्रयास में मुझे एक घटना याद आ गयी, दो दोस्त आपस में उलझे हुये थे, शायद उन्हें कुछ लगी हुई थी । पहले ने कहा, " अगर मैं चाहूँ तो, तुम्हारे ऊपर पेशाब भी कर दूँ और तू... -९९९- पूरा आलेख मूल ब्लॉगपृष्ठ पर पढ़ने हेतु शीर्षक पर क्लिक... [पूरी पोस्ट]
writer डा. अमर कुमार

होलीउनकी टिप्पणियों परबेतक़ल्लुफ़खींचाताना

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[08 Mar 2010 06:34 AM]

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