क्या हमें सोने के लिए औरतें मिलेंगी
ओरछा में राजा राम के दरबार में उस दिन बहुत हलचल थी। इस दिन विवाह की उत्तम लग्र थी। कई युवा जोड़े एक-दूजे का हाथ थाम कर, अग्नि को साक्षी मानकर एक-दूजे के हो रहे थे। यह बात फरवरी माह की है। मैं अजीज के विवाह समारोह में शामिल होने के लिए ओरछा पहुंचा था।...
[पूरी पोस्ट]
lokendra singh rajput
अनुभव
7
0
0
0
3
[08 Mar 2010 05:27 AM]



Shuffle








