ज़रुरत नही थी तुमको..

अनामिका...... मेरे प्यार की शायद ज़रुरत तो नही थी तुमको..मैने ग़लत समझा...जो तुम्हे प्यार किया..तुम्हे प्यासा समझा..तुम्हे जी जान से चाहा किया..तुम्हे तो चाह ही नही थी फिर क्यू ये प्यार किया..!!दिल मे बिठा के तुमने मुझे अपना कहा..बस अपना कहा..पर मन से ना इकरार... [पूरी पोस्ट]
writer अनामिका की सदाये......
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[14 Feb 2010 12:03 PM]

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