चरित्र पर भी चढ़ते हैं. रंगों ने किया कमाल
रंग चले, हुडदंग करें सबफागुन ने मस्ती घोली है ,मनो बुरा, तो मानो तुमछेड़ेंगे, आज तो होली है,रंग कचनार के ,रंग गुलाब के, और रंग नीले पीले,चिपक गए अंगों में सबके, सूखे हों या गीले,मस्त तरंग में झटकी बुडिया, लागत छैल-छबीली...
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Gopalji
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[28 Feb 2010 08:59 AM]



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