लो क सं घ र्ष !: कारागार से कविता : मेरा प्यारा हिन्दुस्तान

लखनऊ ब्लॉगर एसोसिएशन मेरा प्यारा हिन्दुस्तान, प्यारा-प्यारा हिन्दुस्तानहिन्दू-मुस्लिम आंखें इसकी, आर्या का दिलगंगा-यमुना बहते-बहते, जहां पर जाते मिलतरह-तरह के बूटे-पौधे, भांति-भांति इंसानमेरा प्यारा हिन्दुस्तान, प्यारा-प्यारा हिन्दुस्तान।काशी जैसी सुबह मिले है, अवध के जैसी... [पूरी पोस्ट]
writer Suman
views
1
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[01 Mar 2010 06:15 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix