लो क सं घ र्ष !: लोकतंत्र से ‘‘लोक’’ लुप्त

लखनऊ ब्लॉगर एसोसिएशन देश की आजादी से पहले ‘‘लोक’’ की महत्ता नहीं थी। महत्ता थी तो मात्र शाह की। शाह यानी बादशाह और जहां बादशाहत चलती है उसे हम नाम देते हैं राजशाही का। आजादी से पहले बादशाहत थी वह चाहे ब्रिटेन की महारानी रही हों, मुगल शासक रहे हों या पूरे देश में... [पूरी पोस्ट]
writer Suman
views
10
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[05 Mar 2010 07:46 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix