लो क सं घ र्ष !: हमारी क्या है भाई! हम न मुफ्ती हैं न मौलाना
हिन्दू, मुसलमानों व अन्य धर्मों के अधिकांश नेता मोलवी, मौलाना, मुफ्ती, पंडित आदि ने अक्सर अपने श्रद्धालुओं का शोषण किया है तथा अपने स्वार्थों व ऐश आराम को वरीयता दी है, अकबर इलाहाबादी का एक सटीक शेर देखिये-पका लें पीस कर दो रोटियां थोड़े से जौ लाना।हमारी...
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Suman
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[07 Mar 2010 06:32 AM]



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