सरकारों के लिए आम आदमी आज भी गाजर-मूली
चारों तरफ लाष ही लाष, अंतिम संस्कार के लिए श्मसान में भी जगह नहीं, हजारों लोग सोने के बाद कभी उठ भी नहीं पाये। यह खौफनाक मंजर भोपाल में आज से ठीक 25 साल पहले हुआ। लोगों को वह दिन आज भी जब याद आता है तो वे खामोष हो जाते हैं, आंखें डबडबा जाती है, लेकिन...
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Gappe bazi
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[04 Mar 2010 06:59 AM]



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