बाल साहित्य की सुध ली साहित्य अकादेमी ने
किसी भी भाषा का विस्तार तीव्र गति से तभी हो सकता है जब वह भाषा प्राथमिक शिक्षा से जुड़ी हो। स्कूल में बच्चा पहुंचते ही घर में अपनी मां से सीखी भाषा को न छोड़े और उसी में पढ़ते हुए आगे बढ़े तो ठाठ ही निराले होते हैं। लेकिन यह खुशकिस्मती कुछ भाषाओं तक...
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दुलाराम सहारण
साहित्य अकादेमी
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[26 Feb 2010 06:55 AM]



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