हे ! भारत भू के धन्य देव ...
भाल भभूत हे! भस्मीभूत हे! शिखर चन्द्र, हें! तपस तंद्र हे! बाम अंग में शैल सुता करुनानिधान, तू योगरताहे! हरे! पितु गणेश बालक हे! दुःख हर्ता तुम जग पालकहे! सिद्धयोग हे! महारथी हे! दानवीर हे! सती-पतिहे! विषपायी हे! अविनाशी वर देते अतुल, खुद वनवासी इतना ही...
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वेदिका
वेदिका
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[14 Feb 2010 06:44 AM]



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