प्यार तुम्हारा रंगों का त्यौहार
एक रंग आसमान काअनेक रंग धरती केघुलते है भीतरआती है जब तुम्हारी यादएक रंग मिलन काअनेक रंग सपनों केपड़ते हैं ऊपरहोता है जब तुम्हारा साथएक रंग आँख काअनेक रंग आत्मा केरंगते हैं प्राणदेखता हूँ जब तुम्हारा रूपएक रंग कविता काअनेक रंग करुणा केरचते हैं होठकहता...
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शशिभूषण
मेरी कविताई
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[28 Feb 2010 08:54 AM]



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