रंग बिरंगी होली का यही तो है संदेश
ऐसे रंग में क्या रंगा, स्वयं हुए बदरंग। प्रेम रंग सांचा 'रसिक' जीवन भरे उमंग।।रंगी हथेली ले बढे,चेहरा रंगा उजास। सच्ची होली हो तभी, फैले प्रेम प्रकाश।।लाल लाल उडने लगी , चारो ओर गुलाल। शहर शहर बाजार से, गांव गांव चौपाल।।जल में जैसे रंग घुला, एक हृदय...
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संगीता पुरी
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[21 Feb 2010 08:09 AM]



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