इंसान
इंसान कहते हैं लोग इन्सान पत्थर हो गयाअगर ये सच है तो दिखा दे अपनी सख्ती,अपना खुरदरा, पथरीला, कंकरीलापनअपनी जड़ता,जा, छू जा, कभी किसी राम के चरणों से दे दे किसी अहिल्या को जीवन दान बन राम सेतु,जीत ले लंका, मार गिरा कभी रावण,बचा ले, अबला सीताओं की लाज,बन...
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रचना दीक्षित
कविता
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[14 Feb 2010 12:25 PM]



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