बंटवारा
बंटवारा -- मनोज कुमार बंटवारा तो जैसे कुदरत का नियम ही है। आर्थिक रूप से पिछड़े समाज में, पिता के गुज़रते ही पुत्रों में संपत्ति (चल-अचल ) का बंटवारा तो एकदम तय है। पर जीवन बाबू की जिंदगी में ऐसी नौबत ही नहीं आई। रेलवे में पूछताछ लिपिक की नौकरी से जो...
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करण समस्तीपुरी
कोलकाता
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[22 Feb 2010 08:00 AM]



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