देसिल बयना - 20 : बिना ब्याहे घर नहीं लौटे..... !
-- -- करण समस्तीपुरी जय हो ! जनता-जनार्दन !! कैसन रही होली ? सब कुशल है ना.... ? अरे मरदे का बताएं.... हमरे होली में तो ऐसन गुलाल उड़ा कि जिनगी भर नहीं भूलेंगे। बड़ी शौक से गए रहे गाँव होली खेले.... लेकिन वही हो गया, 'शौक में सोहारी [रोटी] ! आलू बैगन के...
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करण समस्तीपुरी
करण समस्तीपुरी
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[03 Mar 2010 08:56 AM]



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