चौपाल : आंच पर फिर 'रो मत मिक्की'
आँच-6 ‘रो मत, मिक्की’ पर....... -मल्लिका द्विवेदी रचनाकार के अन्दर धधकती संवेदना को पाठक के पास और पाठक की अनुभूति की गरमी को रचनाकार के पास पहुँचाना आँच का उद्धेश्य है। हमें ख़ुशी है कि हम अपने उद्देश्य के रास्ते आप तक पहुँच रहे हैं। इसी ब्लॉग पर...
[पूरी पोस्ट]
करण समस्तीपुरी
मल्लिका द्विवेदी
12
0
0
0
0
[04 Mar 2010 08:00 AM]



Shuffle







