अन्तर्मन सतरंगी कर दे---

गठरी खुशी मनाओ नाचो गाओप्यार से सबको गले लगाओअन्तर्मन सतरंगी कर दे , ऐसा रंग अबीर लगाओ ॥पिचकारी की अदा निराली रंगों की वर्षा कर डालीप्रेम रंग में खूब नहाओ ।अन्तर्मन सतरंगी कर दे , ऐसा रंग अबीर लगाओ ॥मीठी गुझिया का है कहना हरदम मीठी बातें करनामन में तनिक... [पूरी पोस्ट]
writer अजय कुमार
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[28 Feb 2010 04:04 AM]

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