जग हित शिव का ज़हर पीना जरूरी है
लोग कहते हैं जिंदगी तो हुई मौत से बदतरजीवन प्रतिमान तय करे वो मीना जरूरी है॥शान ए अमीरी चाहे औरों को नहीं दिखेगर फट जाए कपड़ा तो सीना जरूरी है॥जख्म भले कितने भी दर्दभरे और गहरेजीवन सार है यही कि सीना जरूरी है॥नीन्द चाहिए शाम को चादर तान करके...
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चेतना के स्वर
कविता
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[12 Feb 2010 09:22 AM]



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