हैप्पी होली हैप्पी होली हैप्पी होली
अल सुबह सूरज ने आँख खोली धरती के माथे कुंकुम और रोली भँवरे गायें तो कलियाँ भी बोली ब्रज में घूमे रसिओं की टोली अब आपके चेहरे पर भी तो मीठी मुस्कराहट हिल डोली तो बोलो हैप्पी होली, हैप्पी होली सभी ब्लॉगर बांधवों और पाठकों को होली की...
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चेतना के स्वर
चेतना
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[28 Feb 2010 06:13 AM]



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