शब्दो के दरमियाँ फासले बहुत थे - A Random Thoughts

Sujit Kumar Lucky : Live In Own Thoughts शब्दो के दरमियाँ फासले बहुत थे ,पर कुछ बातें तो निकली जुबान से !अनसुनी न थी बातें मेरी ,मगर गुस्ताख़ी का नाम दे गये !यूँ तो फिदरत ही नही समझाने की,कहते कहते बस एक अंजाम दे गए !रचना : सुजीत कुमार लक्की... [पूरी पोस्ट]
writer sujit kumar lucky

random thoughts

views
1
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
3
[07 Mar 2010 02:48 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix