अच्छा लगे बड़ा ही ,कुदरत का ये वर्ताव

प्रेम धुन अच्छा लगे बड़ा ही , कुदरत का ये  वर्ताव.चढ़ने को है सूरज ,बढ चली है नाव.वृक्षों की पत्तियों पर ,ओस का ये छिडकाव.अकड़ी सी टहनियों में , यूँ बला का घुमाव.नटखट सी नदी का , अलबेला सा ठहराव.महकी सी हवा का , शर्मीला सा बहाव .चहकते से पंछियों का ,तट पर ये... [पूरी पोस्ट]
writer रूपम

कुदरत

views
4
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[19 Feb 2010 10:44 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix