यादों के झरोखों में माँ

JHAROKHA पिछ्ले साल आज के ही दिन पन्द्रह फ़रवरी को मां की याद में एक कविता लिखी थी,जो आज हकीकत में बदल गई ।पिछ्ले महीने सोलह जनवरी को मां का निधन हो गया । आज अपने ही जन्म दिन पर मां को अब तस्वीरों मे देख कर कुछ बातें दिल ही दिल ही में रूला गईं। वही कमरा वही आंगन... [पूरी पोस्ट]
writer JHAROKHA

कविता:माँ

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[15 Feb 2010 02:20 AM]

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