परिवर्तन संसार का नियम है

चिंतन मेरे मन का परिवर्तन संसार का नियम हैनियम तोड़ने के लिये ही बनते हैतोड़ना या तोड़ – फ़ोड़ जुर्म हैजुर्म की कोई न कोई सज़ा हैसज़ा जुर्माना हो या फ़िर कैदकैद में जानवर हो या फ़िर इंसानइंसान अच्छा हो या बुराबुराई का छोड़ दो अब दामनदामन किसका पकड़े या छोड़ेछोड़ ना देना... [पूरी पोस्ट]
writer प्रतिबिम्ब बड़थ्वाल
views
6
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[24 Feb 2010 23:05 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix