होली के रंग में रंग

चिंतन मेरे मन का रंगीन दुनिया,ढूढे फिर भीकौन सफेद या काला हैअपनो के रंगो में भी खोजेकौन अपना कौन पराया हैअमीरी का रंगबस चढता जाता हैगरीबी का रंग तो बस बिखरता जाता हैखून का रंग अब सस्ता हुआआंतक का रंगचारो ओर फैलता रहाभय  का रंगरोज़ मौत देता रहाछोड हिंसा का... [पूरी पोस्ट]
writer प्रतिबिम्ब बड़थ्वाल
views
7
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[25 Feb 2010 07:01 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix