असर तो है .........!!

Gyanvani खेतों में सरसों का रंग और चटक हुआ लहराया मेरा आँचल चुनरी का कसूमलगालों के भंवर मुस्कुराते रहे गुलाबीरंगत चेहरे की हुई और सुर्ख रतनारीकदम नापते रहे दूरियां आसमानीरंग सुनहरा बिखेरती रही चांदनीसिलबट्टे पर चढ़ी रही मेहंदी हरियाईचक्की में पिसता रहा मक्का... [पूरी पोस्ट]
writer वाणी गीत

गौतम राजरिशी

views
5
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[02 Mar 2010 19:20 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix