महंगाई में मर्ज प्रेम का!

संजय उवाच पहले चीजें बहुत सस्ती मिला करती थी, मगर प्रेम तो तब भी अनमोल ही हुआ करता, मगर आजकल सबसे सस्तापन प्यार में ही दिख रहा है और महंगापन चीजों मेंबुजुर्गवार कई बार चर्चा करते हैं बीते हुए जमाने की। उसमें सबसे खास जो विषय होता है, वो होता है सस्ता। सस्ते के... [पूरी पोस्ट]
writer dr sanjay mishra
views
4
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[11 Feb 2010 03:49 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix