वो फाग का राग...

संजय उवाच चुनावी पाळे ने गांव में प्यार-मोहब्बत की लहलहाती खड़ी फसल को तबाह कर दिया। लोगों ने दोनों तरफ से पैसा और अंग्रेजी ली, तो एक जगह तो धोखा निकलना ही था। और वैसे चुनाव का दूसरा नाम धोखा ही तो है। धोखा प्यार में मिले या मिले चुनावों में, उसका गम गहरे तक उतरता... [पूरी पोस्ट]
writer dr sanjay mishra
views
4
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[02 Mar 2010 05:28 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix